नमन मंचमहिला काव्य -मंच प. रांची, झारखंड।विषय -चैत्र नवरात्रतिथि -: २१-३-२६शीर्षक – “मां का आगमन” “मां का आगमन”

जगती है नूतन आशा,
सुन संदेशा मां का।

पूर्ण होती है मंशा जैसे,
बंद हृदय कमल का।

शांति संचार कर मन में , उर्जा देती शैलपुत्री।

वृत्तियों को संयमित कर, प्रेरित करती ब्रह्मचारिणी।

चंद्रघंटा स्वरूप देता ,रोग शोक भय से मुक्ति।

कर व्याधि नाश , देती कुशमांडा,यश बल आयु शक्ति।

ज्ञान और करूणा से, स्कंदमाता तन मन भर देती।

साहस- सौहार्द- सौभाग्य दायिनी हैं मां कात्यायनी ।

हटा नकारात्मकता ,निडर विजयी बनाती मां कालरात्रि।

पवित्र पुंज से पाप रहित कर, आह्लादित करती मां गौरी।

पूर्ण करती मनोकामना,देकर आशीष मां सिद्धिदात्री ।

पाकर मां का आशीष, जीवन बनता, संतुष्ट सौभाग्यशाली ।

स्वरचित और मौलिक।

शमा सिन्हा
रांची, झारखण्ड।