ऑपरेशन सिंदूर और आज

निभाती रही है नारी सदा, सिंदूर रक्षक का किरदार।

किया उलट पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर वार ।

“व्योमिका -सोफिया”जोड़ी बनी लक्ष्मीबाई सरदार। 

मानना ही पड़ा पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को हार।

पहलगाम आतंकी हमले का दिया ऐसा जवाब

पूर्ण किया स्वावलंबी भारतीय नारी का ख्वाब

सजग प्रहरी  का रंग लगा बचाया वतन की आब ।

विश्व में रोशन हुआ हिंद राष्ट्र का जांबाज शबाब।

अंजान नागरिकों पर हुआ 22 अप्रैल को हवाई हमला ।

खोलते खून से रणवीरों ने था अपनी बंदूक संभाला।

करने अगवाई सशस्त्र बलों की बढ़ी आगे दो महिला ।

ढेर किया आतंकी ठिकाने चला करअपना वार पहला।

हाहाकार मचा पड़ोसी घर ,दुश्मन अनेक हुए ढेर ।

दिखा दिया विश्व को , दुश्मनों के लिए है हम शेर ।

पानी भी ना पीने देंगे जब हम लेंगे उनका घर घेर।

दोस्ती के हाथ को, समझो न कमजोरी का फेर।

जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, 22 मिनट में गये उखड़।

दुश्मन चारों खाने चित हुआ,जैसे अंधा भिड़ जाय पहाड़।

नष्ट हुए आतंकी ठिकाने मृतकों की संख्या हुई 100के पार ।

ध्वस्त हुए लांच पैड्स,टेरर नेटवर्क और अनेक हथियार।

अपना कर “सक्रिय रक्षा- नीति”,स्पष्ट किया हमने इस बार।

बन चुके नेवी के 9 वार- शिप और भैरव बटालियन का आधार।

आतंकी घटनाओं के प्रति भारत का होगा ऐसा ही प्रतिकार।

तैयार योजना साबित कर रही हमारी आत्मनिर्भरता  साकार ।

स्वरचित और मौलिक रचना।

शमा सिन्हा

रांची,झारखंड।