मंच को नमन ।
मानसरोवर साहित्यअकादमी शीर्षक -धैर्य धरा सी धारण करना
विधा-कविता
तारीख :2१ -४-202६
“धैर्य साधारण करना “
तुम धैर्य धरा सी धारण करना।
विचलित होकर ना तुम रहना।
होगी सफलता पांव तले तेरे।
पाओगे मंजिल इच्छा वाली।
तुम धैर्य धरा सी धारण करना ।
राह पर मुस्काते हुए चलना।
विकट हर कठिनाई सुलझेगी।
ख्वाहिश की हर ऊंचाई मिलेगी।
तुम धैर्य धारा सी धारण करना
समय का शांति से स्वागत करना ।
हर समय होगा राज तुम्हारा।
हर परीक्षा में सफलता होगी।
तुम धैर्य धरा सी धारण करना।
समृद्धि के सागर को अंक में भरना ।
हर पद पर तुम्हारा ही राज रहेगा ।
कण-कण में संतुष्टी का वास होगा ।
स्वरचित एवं मौलिक।
शमा सिन्हा
रांची,झारखण्ड।
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