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विषय :रविंद्र नाथ टैगोर शीर्षक: ” रविंद्र नाथ टैगोर”
विधा- कविता
तारीख: 6 मार्च 2026 "रविंद्र नाथ टैगोर"
7 मई ,1861 का दिन बना बड़ा ही महान।
“विश्व कवि” के नाम से बना भारत की वह पहचान।
” गीतांजलि” में किया उसने अक्षय प्रभु का गान।
गाकर “जन गण मन “गीत बढ़ाया भारत माता की शान।
विश्वास सूत्र पर संजोया देश प्रेम को।
सार्वभौमिक बनाया विश्व में मानवता को ।
भेदभाव से ऊपर किया सभी सिद्धांतों को ।
अधिकार के मूल्य से बाहर किया अपवाद को।
शिक्षा की नई परिभाषा से रचा नया आधार।
” शांतिनिकेतन “ने किया गुरुदेव का सपना साकार।
बंगाल के साहित्य को, दिया नवीन अवतार।
पाकर नोबेल पुरस्कार बने रवींद्रनाथ कर्णधार।
युग कवि -दार्शनिक- संगीतकार -उत्कृष्ट रंगसाज।
दो हजार गीत लिख,कर रहे सबके हृदय पर राज।
सिखा प्रकृति -सामनजस्य भर कर दिया मानवता को दाज।
रखकर सत्य का आधार, पहनाया मानवता को नया ताज।
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स्वरचित और मौलिक रचना।
शमा सिन्हा
रांची, झारखंड।