चलो मुस्कुराते हैं

मंच को नमन।

महिला काव्य मंच पश्चिम रांची जिला इकाई।
तारीख- 17. 6. 2026 शीर्षक-” चलो मुस्कुराते हैं”
विधा -कविता "चलो मुस्कुराते हैं!"

बस होठों को मुस्कुराने दो, रख कर आंखों को मीचे।

आगे बढ़ाओ कदम, छोड़ दो जीवन की उलझन पीछे।

आओ चले मुस्कुराते हुए , आज हम साथ साथ।

बिन बोले ही ,मन की सारी, साझा करेंगे सारी बात।

देख एक दूसरे को , मुस्कुराते होंठ मधुरता से खिलेंगे।

अनजाने राहों पर भी अनगिनत दोस्त हमारे बनेंगे।

हौसले से उनके हम सारी कठिनाइयों से उबरेंगे।

हों कितने भी कठिन,रास्ते जीवन के, सहज ही कटेंगे।

है यह श्रृंगार मनभावन, जैसे फूलों की क्यारी।

प्रयास बिना सजाती हमको, जैसे श्वास हमारी।

इसकी रौनक से बन जाती दुनिया कितनी प्यारी।

तन मन में भरती खुशियां ,तोड़ कर दीवाल सारी।
………………………………

स्वरचित और मौलिक रचना।

शाम सिन्हा
रांची, झारखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *