जन्मदिन का शुभाशीष (नविका को,17 2 21)

जान गई मै आज,कौन सा त्योहार है सबसे प्यारा

राज करते हम राजा बनकर ,मनता जन्मदिन हमारा।

राजदुलारी का हमारी वही जन्मदिन त्योहार है आया

यही सोच इस दिन के बारे मे,उसे प्यार से समझाया।

सब दिन जो भाता ,वही गीत,मगन वह गाती ऊंचे स्वर में

हनुमान जी की पूजा करे या डूबी हो मस्त अपने खेल में।

आज  कहा नविका से मैने जब,”कल बर्थ डे है तुम्हारा!”

गाने लगी सुनकर”हैपी बर्थडे टू नानी !”गदगद् हुआ मन हमारा।

अबोध असीम है बचपन कितना,देख उसे आनन्दित होती,

अनेक भोली अठखेलियों से,अनूठे बंधन में है बांध लेती।

“इट्स माई चांस “की रट लगा,हर काम मे है अब हाथ बटाती,

जन्म दिन की तैयारी में भी उसने अब अपनी भागीदारी है रख दी।

समझाना है ,बहुत कठिन अब क्योकि वह “बिग गर्ल हो गई” ,

देख देख कर हम बडों को,कितने काम है करने लग गई।

आनंद बरसता हर कोने मे,उसका एक ही गाना है गूंजता,

“हैपी बर्थडे टू नविका” की धुन पर,रह रह कर केक है कटता।