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हे वृक्ष अशोक!
हे अशोक, मैने खड़ा कर दिया है तुझे बना प्रहरी उसी उम्मीद से जिससे राम की जानकी थी जुड़ी। जब था न सुरक्षा में उसके कोई देव- मानव अपना सजे थे तब तुम्ही बनकर उसके लिए कवच गहना मन मे आस्था-चिंतन रघुवीर की करती रहती सदा, बना तुम्हे साक्षी, काटती रही काल की प्रलय विपदा।…
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“जब चोरी पकड़ी गई!”
तुम ,मुझसे छुपकर थे खड़े हुए, कलियों का सा झिझक ओढ़े हुये। मै पौधों मे पानी डाल रही थी चतुराई तुम्हारी निहार रही थी। तुम्हे, पहले मैं पहचान ना पाई लगा,लटकी है कोई कली मुरझाई जागी उत्सुकता, सोचा सूखी पंखुड़ि गिरा दूं, झुकी डाली को धोकर कुछ चमका दूं । चौक गई मै हाथ बढ़ा…
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कौन तुम्हें पानी देगा?
अचम्भित हू घटनाक्रम की कडियों से क्या होगा कल,जब चली जाउंगी यहां से प्रश्न बडा कंटीला,रंगता मन को गहरा ग्लान विचारों के भवर में जैसे फंसा हुआ है प्राण! कौन तुम्हारे भूख प्यास का रखेगा ध्यान ? कौन तुम्हारे मुरझाने पर करेगा अश्रु पान? दूर रहूंगी तुमसे,ले न सकूंगी तुम्हारा हाल , हर पल तेरी…
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ऐ पाखी!
रखा है तेरे लिए, दाना और सकोरे मे,मैंने पानीचुग लेनाआकर,दो बूंद सही पी लेना गौरैया रानी! मुझे तो कुछ नही दीखता,तू क्या है चुगती?चंचल ढूढ़ती आखों से, तू जाने क्या है खोजती। चू चू ,ची ची,कुहुक कुहुक कर नित नौ राग सुनातीअगर मै जो समझ लेती,संग तेरे बहुत बतियाती। होता कितना समय मनोरम,तुम और मै…
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Commanding spell
O dainties fallen, only ye know that truth,You are so wise,most unscared soothe! Deep is the extent of your knowledge span,Multiple measures than this proclaimed MAN! Embarked with patience, ye cry not or shed tears!Your colorful spreads joyous symphony tears! Unlike Man,you groan not everLonesome on roadside you smile in full fervor Your silent footstep…
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Baal Krishna
अपनी करनी से सबको है छला छवि मधुर ऐसी है तुम्हारी लल्ला नन्हे पैरों मे बंधे घुँघरू छमकाते पकड़ बछिया की पूछ लटकते धुटने बल,बलदाऊ संग मिट्टी मे सरकते झूले पर बैठ ,जैसे बालक पींगे भरते। निर्बल बछडा जो व्याकुल हो दौड़ता बन्धी रस्सी बल लगा छुडाना चाहता तुम दोनो अपनाऔर जोर लगाते बेदर्द बने…