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Happy Children’s Day
HAPPY CHILDREN’S DAY!!! I and my children were awake till late hours,last evening preparing for the next day event. I was writing my compering dialogues while my children were carrying out my other requirements,as colored paper cutting for decorating the classroom boards,giving color to the black and white hand written message,on a chartpaper ,drying the…
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सूर्य की यात्रा
देखोअस्तांचल का अति सुर्ख हुआ ये सूरज ,रंग रक्त-जवा का नभ भर,करता है प्रेम अरज। विशाल-आकाश संध्या का , सिन्दूरी है रंग देता ,सनेह पत्र ,भर कोमल अनुमोदन,प्रीता को भेजता। ओढ सुहानी चांदनी, तारों भरी चान्दी की चूनरबजाती पायल, चल रही वह ठुमक-ठुमक कर। माँ की लोरी, ममता सिंचित,संजोय कोमल मीठा रस,सलोने की आखो में…
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जय जय मधुरस संत्रीप्ति
” जय जय मधुरस संतृप्ती “ रसीली मिठाई मुझे बहुत पसंद है। मीठे व्यंजन की चाहत सभी को होती है। किसी किसी को बहुत ज्यादा होती है। उन मीठे व्यंजनों को पसंद करने वालो में मै भी हूँ। शायद मेरे बत्तीसो दाँत और जिव्हा ,इनके अथक प्रेम अनुयायी हैं। खाने के पहले, खाने के बाद…
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“हक नहीं पूछू”
मुस्कुराते थे जब-तब बचपन में, बिना वजह हम, डांट खाकर भी न होती, वह हँसी जरा भी कम। पूछा नहीं तब, जिन्दगी से, क्या ये रहेगा यूहीं हरदम? लेकर तोहफा खुशी का, बड़े लापरवाह हो गये हम! बाकी अभी भी, ज़हन में है अनगिनत,कई एक भरम, अब जगह न रही कि सवाल करें उससे कोई…
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बरखा बावरी
“बरखा बांवरी” मचल मचल कर वह बांवरी,यूं बरसने आई है ढक गया नीलनभ भी,धुंध श्याम छवि लाई है। खो गईं डालियां, कलियां कोमलांगी झड गई हैं। प्रीत अनोखी,धरा-गगन की,रास रंग की छाई है। कतारों मे चल रहीं,रंगीली जुगनुओं सी गाडिय़ां । सरसराती, कभी सरकती, झुनझुनाती पैजनियां।देखो कैसी रुनकझुनक , मस्ती संग ले आई है ।…
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“World without eyesight “
I am on my journey from Northern part of my land to its southern end ,these days.To fulfill one of my personal responsibilities, I took a break at kolkatta.Lodging in a hotel,my first interest was to get ready and proceed to wards my place of concern. Generally,a few of toiletry requisites are provided by the…