Category: Hindi Poetry
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“आशीर्वाद “
महिमा नापी ना जा सकती,ऐसा अमोल है होता आशीर्वाद, असंभव को भी संभव करता,पाकर इसे सभी होते कृतार्थ ! देव,ॠषी ,नर और असुर, इससेे सभी बलशाली हैं बनते, जागृृत करती यह शक्ति अनूढी,अतुुल वीर हम बन शत्रु पछाड़ते! करती पूर्ण सबकी कामना ,शगुन भी इसमें है नित दर्शन देते, “इक्ष्वाकु-वंशज आशीष”जैसे विभीषण को लंका नृप…
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मर्यादा
विनीत समाज में बनती जो व्यवहारिक सम्मान की सीमा! विचारों को लोकलाज से संयमित करने वाली वो शिक्षा ! दहलीज पर ही रोक दे जो आगे बढ़ते उत्श्रृंखल कदमों को! परिभाषित करे श्रीराम वनवास और सीता के तिनके को! परिवार की लज्जा का रक्षक, पहनाये कवच जो शील को ! प्रतिष्ठा का रखे देेश-मान,दिशानिर्देश दे…
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MY FAIRY DOLL
My little honey child,you are so bright and beautiful, I know not why your grants are generously Bountiful! You stand,You turn you crawl you walk and tumble, You hum,you sing,you speak words as all in jumble! Language you speak is not native,rather to me unknown. Alike nature’s blooms in wildernesses from plants not sown! Each…
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“मंगल सूत्र “
मंगलमय आशीष उपहार लेकरकरता सदा प्रवाहित प्रेम सागरहोता पूर्ण श्रृंगार इसे ही पाकरमनमीत पहनाता इसे पिरोकर! निभता साथ जीवन भर निरंंतर ,जोड़ता दोनों के मन का अन्तर।रहते सदा दोनों एक दूजे के होकर ,पनपता प्रिय-प्रिया स्नेह बंध कर! यज्ञसूत्र यह है पवित्र सम्बन्ध कारक्षा करता यह उसके प्राण नाथ का!मंगल करता सपरिवार यहआपका!अखंंड बनाता,सुहाग हर…
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“सादगी”
माथे पर सिंदूरी बिंदी ,होठों पर हल्की सी हंसी,बहुत कुछ बोल जाती है उसके श्रृंगार की सादगी! उदित भास्कर चमकताहै बन उसके सुहाग की बिंदी,लगा जाती है चार चांद उसकी, सादगी की खूबसूरती! खुशी के मौके पर जब व्यस्त खुद में सब हो जाते है,ध्यान अपनी ओर खींच लेती है,उसके रुप की सादगी! रखते हैं…
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“यात्रा”
कहो सखी,करूं बात मैं किस किस यात्रा की? क्या गीता के सात सौ श्लोकों में अर्जित ज्ञान की? या मां के आंचल में दुनिया से छुपकर अमृतपान करने वाली? या बालपन की दौड़ती भागती,छिपा-छुपी का रास्ता ढूढ़ने वाली? अथवा विद्यार्जन पथ पर अनेक कोशिशों में जूझती जिन्दगी? क्या प्रेम के झूले पर मीत संग, बिताए…
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On Nishu ‘s Birthday, 5.12.23
A very happy birthday to our Nishu! May the Almighty bless you with health and satisfaction always 🙏 “Remembering you lovingly!” This day is so auspicious, it brings gifts ofmany loving memories ! Full of joy were your childhood pranks , your Papa and I eternally cherish ! Those days are gone but its remembrances…
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“पिता”
“पिता” गोद लेने को उसे,देखा था मैंने सदा बहुत मचलते,जन्म-स्वास्थ्य-उपचार पश्चात मैं थी मातृ-तन सट के! जुटी नाल ने कर दिया था स्थापित रिश्ता जन्मदात्री से,समझ ना पाई, कैसे स्थापित हुआ सम्बन्ध उसका हमसे! सदा वह निहारता हमें, कभी दूर और कभी पास से!गूंजती हमारी ऊंची किलकारियां, उसके अंक समा के! सुबह और शाम ही…
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“अहंकार “
सर्वशक्तिमान, जब स्वयं को समझ लेता है इंसान ,उत्पन्न होता है अहंकार और विकृत होता है स्वमान! होती नष्ट समझदारी,मिट जाता मानव सम्मान,प्रतिपल तब करता वह अपनी मूढ़ता पर अभिमान! वाचाल बन कर,करता सिद्ध नासमझी का सिद्धांत ,छोड़ गुरु से पाई सुशिक्षा, स्वरचित गड्ढे में गिरता कालान्त! गर्भित बुद्धिहीनता उसकी करती ना कभी किसी का…
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खिलौना”
देखते तो सभी हैं,खिलौने को खिलौने से खेलते,भूल जाते सच्चाई ,बीच का फर्क नही समझ पाते! बंधी होती है एक की डोर आकाश पार,दूजा निर्जीव किंतु लुभाता दिखा रंंगीनआकार! एक स्वत्: दिखाता भावों की प्रधानतादूसरे को कृत्रिम चाभी देकर चलाना है पड़ता! भूल कर सरताज परमपिता का साम्राज्य वह हंसता है,वह जड़ मूर्त कृत्रिम खिलौना…