Category: Hindi Poetry
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मात्री दिवस पर-मेरे अनमोल पल!
वह मनाती नित त्योहार है ,अपने उस संसार कासजा उसका एक घरौंदा है, स्नेह भरा संतानों का!नाम अनेक पर वह एक ही रुप मे सगर है बसती,स्नेह दान का व्रत अखंड ,कभी नही वह हैतोडती।अविस्मरणीय होते हैं उसके कुछ आलोकित पल,आजीवन संजो रखती जैसे पुष्प,पंखुड़ियों के दल!जब भी वह पल वह पल याद आता हैसब…