Category: Hindi Poetry
-
Impractical humanity
Practices are changing, they’re so inhuman conditions so crude,struggle to live sadden None desire nearness of their dearest As situations worsen in vicinity nearest Family connections appear most hurting A fear grips mind,compulsive is distancing . Once again cases of Covid19 is on rise Meeting dear ones is a virtual apprise. Relationship earlier were tenderly…
-
थिरकती है खुशिया,तुम्हारे पैरों
खोई कहां है चिंता,बंद है पडा,दूर फिक्र का घर उडती है खुशी साथ उसके, लगा कर कोमल पर यहाँ से वहां और फिर यहां,करती रहती वह दिन भर जाने कहां से भर लाती है ,पाकेट मे यह शक्ति सागर! कूदती ही रहती है बना बना कर गाती है गीतदिन भर!
-
मूक दृष्टा बनी तथ्यों को खोजती हूं। हंसकर शीघ्र हार मान लेती हूं। उत्सुक हूं। उससे। क्षणिक संवेदना से प्राप्त नहीं हुआ हो सकता। क्या हर गली मकान से जुड़ा नहीं उसका पता? बना आणविक रचना। सूत्र नहीं ऐसा बना दे जो हृदय को प्रवीण। मति है उनकी कितनी अलग नवीन। छुद्र प्रयत्न कर। लेती है भावना हीन। पास रहकर बनाती हो क्यों इतनी दूरी? मेरी आस को कर सकते एक तुम ही पूरी। देखकर दर्द बन गए हो तुम तमाशबीन। मोड़ कर मुंह जाने किस विचार में हो लीन।
मूक दृष्टा बनी तथ्यों को खोजती हूं मैं, हस कर फिर शीघ्र हार मान लेती हूं मैं! उत्सुक हूं ,पाने को संवेदना क्षणिक, जहां बना हर व्यक्ति बस एक बनिक! क्या हर गली मकान से जुड़ा उसका पता? सूत्र नही ऐसा जो बना दे ह्रदय को प्रवीण प्रयत्नों से जुड़तें है असामयिक विचार संगीन! करते…
-
अर्णव को जन्मदिन की बधाई
Oumहमारे अर्णव को जन्मदिन की ढेरों बधाई!🥰💐🥮🌻🍡 “आनंदित रहो तुम, सर्वदा होवे वर्षा स्वास्थ्य और संतुष्टी की, उपलब्धियां तुम्हारी बने विस्तृत, आकाश के परिमाण सी! चिरंजीवी भवः!आयुष्मान भवः पुरुषार्थी भवः!यशस्वी जैसे पाट- पयोधी ! स्वमान बने सम्मान तुम्हारा,रहे अटल रघुवर कमान सी! कुल-कुलीन के तुम भविष्य रचयिता ,पाओ अनंत कृपा ईश-आशीष की, प्रेम-शान्ति-सत् ऐश्वर्य जीवन,…
-
When You Smile
I see you smiling, morn and night In blooming hibiscus , jasmine white, What a miracle, mesmerizing charm! Your beauty enchanting ,love so warm! Like microphones fitted on branches Look there a singing morning bird perches There are no locks ,gardens for them are open None are checked if they are bathed or sloven, Grasses…
-
हे वृक्ष अशोक!
हे अशोक, मैने खड़ा कर दिया है तुझे बना प्रहरी उसी उम्मीद से जिससे राम की जानकी थी जुड़ी। जब था न सुरक्षा में उसके कोई देव- मानव अपना सजे थे तब तुम्ही बनकर उसके लिए कवच गहना मन मे आस्था-चिंतन रघुवीर की करती रहती सदा, बना तुम्हे साक्षी, काटती रही काल की प्रलय विपदा।…
-
“जब चोरी पकड़ी गई!”
तुम ,मुझसे छुपकर थे खड़े हुए, कलियों का सा झिझक ओढ़े हुये। मै पौधों मे पानी डाल रही थी चतुराई तुम्हारी निहार रही थी। तुम्हे, पहले मैं पहचान ना पाई लगा,लटकी है कोई कली मुरझाई जागी उत्सुकता, सोचा सूखी पंखुड़ि गिरा दूं, झुकी डाली को धोकर कुछ चमका दूं । चौक गई मै हाथ बढ़ा…
-
कौन तुम्हें पानी देगा?
अचम्भित हू घटनाक्रम की कडियों से क्या होगा कल,जब चली जाउंगी यहां से प्रश्न बडा कंटीला,रंगता मन को गहरा ग्लान विचारों के भवर में जैसे फंसा हुआ है प्राण! कौन तुम्हारे भूख प्यास का रखेगा ध्यान ? कौन तुम्हारे मुरझाने पर करेगा अश्रु पान? दूर रहूंगी तुमसे,ले न सकूंगी तुम्हारा हाल , हर पल तेरी…
-
ऐ पाखी!
रखा है तेरे लिए, दाना और सकोरे मे,मैंने पानीचुग लेनाआकर,दो बूंद सही पी लेना गौरैया रानी! मुझे तो कुछ नही दीखता,तू क्या है चुगती?चंचल ढूढ़ती आखों से, तू जाने क्या है खोजती। चू चू ,ची ची,कुहुक कुहुक कर नित नौ राग सुनातीअगर मै जो समझ लेती,संग तेरे बहुत बतियाती। होता कितना समय मनोरम,तुम और मै…
-
Commanding spell
O dainties fallen, only ye know that truth,You are so wise,most unscared soothe! Deep is the extent of your knowledge span,Multiple measures than this proclaimed MAN! Embarked with patience, ye cry not or shed tears!Your colorful spreads joyous symphony tears! Unlike Man,you groan not everLonesome on roadside you smile in full fervor Your silent footstep…