Category: Hindi Poetry

  • अलग होती है सुबह सबकी

    सुर्य, प्रकाश फैल जाता है प्रतिदिन सर्वत्र , रंग देता कालिमा को भी जैसे हो स्वर्ण पत्र , संध्या को सिमटा देता,धरती आन्चल छिपा, चलता सप्त अश्व रथ,विवस्वान आरूढ हुआ। कीट-कलरव गून्ज, सूचित नव दिवस है करता, श्यामल भौरा पंख फैला,चिड़िया के संग उड पडता, बाग बगीचे, आगंन कानन व्यस्त होकर थिरकता, नये दिवस की…

  • यादो की ओस

    ओमनिशु-रत्ना को विवाह की वर्ष गांठ पर ढेरो आशीर्वाद और बधाई। 🍡🥰🍡🥰🍡🥰🍡🥰🍡🥰 “वो दिन, शुभ घडी,हर पल रहता है हम सबको याद , नौशा निशु लला के संग,हम गये थे लेने रत्ना का हाथ । हसी खुशी की झापी लेकर,कुलवधु बन घर वहअपनेआई, उसके स्वागत से सबने,अनंत इन्द्रधनुषी खुशिया पाई। सबका हृदयाशीष यही,तुम दोनो बने…

  • Happy Children’s Day

    HAPPY CHILDREN’S DAY!!! I and my children were awake till late hours,last evening preparing for the next day event. I was writing my compering dialogues while my children were carrying out my other requirements,as colored paper cutting for decorating the classroom boards,giving color to the black and white hand written message,on a chartpaper ,drying the…

  • सूर्य की यात्रा

    देखोअस्तांचल का अति सुर्ख हुआ ये सूरज ,रंग रक्त-जवा का नभ भर,करता है प्रेम अरज। विशाल-आकाश संध्या का , सिन्दूरी है रंग देता ,सनेह पत्र ,भर कोमल अनुमोदन,प्रीता को भेजता। ओढ सुहानी चांदनी, तारों भरी चान्दी की चूनरबजाती पायल, चल रही वह ठुमक-ठुमक कर। माँ की लोरी, ममता सिंचित,संजोय कोमल मीठा रस,सलोने की आखो में…

  • जय जय मधुरस संत्रीप्ति

    ”         जय जय मधुरस संतृप्ती “ रसीली मिठाई मुझे बहुत पसंद है। मीठे व्यंजन की चाहत सभी को होती है। किसी किसी को बहुत ज्यादा होती है। उन मीठे व्यंजनों को पसंद करने वालो में मै भी हूँ। शायद मेरे बत्तीसो दाँत और जिव्हा ,इनके अथक प्रेम अनुयायी हैं। खाने के पहले, खाने के बाद…

  • “हक नहीं पूछू”

    मुस्कुराते थे जब-तब बचपन में, बिना वजह हम, डांट खाकर भी न होती, वह हँसी जरा भी कम। पूछा नहीं तब, जिन्दगी से, क्या ये रहेगा यूहीं हरदम? लेकर तोहफा खुशी का, बड़े लापरवाह हो गये हम! बाकी अभी भी, ज़हन में है अनगिनत,कई एक भरम, अब जगह न रही कि सवाल करें उससे कोई…

  • बरखा बावरी

    “बरखा बांवरी” मचल मचल कर वह बांवरी,यूं बरसने आई है ढक गया नीलनभ भी,धुंध श्याम छवि लाई है। खो गईं डालियां, कलियां कोमलांगी झड गई हैं। प्रीत अनोखी,धरा-गगन की,रास रंग की छाई है। कतारों मे चल रहीं,रंगीली जुगनुओं सी गाडिय़ां । सरसराती, कभी सरकती, झुनझुनाती पैजनियां।देखो कैसी रुनकझुनक , मस्ती संग ले आई है ।…

  • “World without eyesight “

    I am on my journey from Northern part of my land to its southern end ,these days.To fulfill one of my personal responsibilities, I took a break at kolkatta.Lodging in a hotel,my first interest was to get ready and proceed to wards my place of concern. Generally,a few of toiletry requisites are provided by the…

  • Happy Daughter ‘s Day

    Happy Daughter ‘s Day अपनी सब बेटी को हम सबका प्रेम भेंट , “सहचरी अभिन्न बन गई, आज वह हमारी है,ममता की छाँव पसारे,वह विशाल घनेरी है ,जन्मा हमने, पर सहसा बन गई माता हमारी है ,कहूँ किन शब्दों में,मन उसका कितना आभारी है।बहुतेरे आकांक्षाओं की वह बनती सदा सहभागी है।ईश का असीम स्नेह बन,…

  • When eyes grow weak

    “When sight grows weak” As I write this experience for you to enjoy my mistake,I humbly accept that eyes are the most important tool of human body together with brain.Had our eyes not been assistingus constantly and perpetually we would not live our life to our contentment! life could be a mess! Living,a vegetative state!…