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प्रेम पिपासा
बीत गए दिन है अनेक, पर भूली नही है ,सहेजी वह याद, विस्मृत न हुआ कभी क्षण भर को भी वह सजल विशाद। नवल सजा था मेरा कोमल मन, अमराई भरा प्रासाद , भर गया था सहसा हृदय मे, उमंगित यौवन का आह्वाद। पहल कर रहे थे पिता पूज्यनीय, मेरा प्रस्तावित विवाह रिश्ता पींगे…
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तुम कौन हो?
उम्मीद के परे जब कुछ ऐसा हासिल होजाये जिसकी कल्पना भी न हो तो मन ईश्वर से ही पूछता है कि तुम कौन हो?
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स्मित मिलन
दिन ढल रहा है अब,फैल रहा रगं नारंगी सिमट रहा कोने मेआदित्य ले किरणे सतरंगी। लगा गोरी राधा समा रही थी कृष्ण आगोश नाच रहा थे नीले श्याम ,मनोहर नटवर नागेश। मुख कमलिनी का ,लज्जा ने मलिन किया सुकुमारी का तन गहराया,नभ श्यामल हुआ। पूछा बजती वेणू ने रुक कर, होअति असहज “पाती हो राधे…
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शुभ होगा मंगल -मय वर्ष 2021 सबका!”
शुभ-सूर्य ,का आशीर्वचन,होगा शुभ वर्ष 2021सबका! शुभकामना प्रभारित करेगा, चहु ओर शुभता सागर का। शुभ रंग -रूप धारण कर यह सबका सपना पूर्ण करेगा। शुभ- शुभ्र होगा प्रतिबिम्बित, सबकी प्रेरित भावनाओ का । शुभ- सौभाग्य से शीघ्र ही, विश्व प्रारब्ध सर्वआच्छादित होगा। शुभ स्वस्थ-मधुर स्वर कलरव ध्वनित, सबका घर आगंन होगा शुभदायक शुभाशीष लिए, मंगल…
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मिलन चिरंतन-2
अभी अभी बस निधीवन मे श्रीराधा को छोड़ पार कर रहे थे द्रुत गति वृन्दावन गलियन मोड ले रहे थे कदम,स्फूर्ति के साथ समय से होड, गय थे समझाने,पर बांध लिए फिर रिश्ते की डोर। तभी दूर से आती कुछ पहचानी टापो ने झकझोरा अनगिनत सुरभि ने बछडो संग, कान्हा को ले घेरा। प्रेम पगी…
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अलग होती है सुबह सबकी
सुर्य, प्रकाश फैल जाता है प्रतिदिन सर्वत्र , रंग देता कालिमा को भी जैसे हो स्वर्ण पत्र , संध्या को सिमटा देता,धरती आन्चल छिपा, चलता सप्त अश्व रथ,विवस्वान आरूढ हुआ। कीट-कलरव गून्ज, सूचित नव दिवस है करता, श्यामल भौरा पंख फैला,चिड़िया के संग उड पडता, बाग बगीचे, आगंन कानन व्यस्त होकर थिरकता, नये दिवस की…