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Guru Govind Singh
सिक्खों के हुये नायक ,मां भारती के सुपुत्र । रक्षक बने पाकर,नौवें वर्ष में राज पाठ कासूत्र! नौवें गुरू पिता इनके,जिनसे स्थापित हुआ धर्म ! समाज का देकर नेतृत्व दिखाए उनहोने सुकर्म । यौवन के पूर्व ही बन गये रक्षक नव भारत के! मुगलों से लिया टक्कर,दिखाई वीरता सिद्ध कर के! पगड़ी की लाज बचाई,मां…
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Bharat Diwas
जाग गया है भारत अब, देख रहा संसार सिर उठाकर! गुंंज रहा इतिहास, ऊंंची तान में उपलब्धी सुुन कर! गण-तंत्र बन गया,लोक-आधार स्वराज्य भारती का! छू रही यहां नारी,आकाश की उचाई सूर्य-चंद्रअंबर का! रखा समृद्धी काआधार मर्यादा पुरुषोत्तम ने तीन रंग ! नारंंगी-श्वेत-हरा बने गुण त्याग पवित्रता सम्रिद्धी के संग! अधिकार और कर्तव्य में प्रत्येक…
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“अपने मन को मत मारो!”
दर्शन कर लो राम लला का,भर लो अपनी झोली अपने मन को मत मारो,कह रही उल्लासित टोली! हृदय उद्गारों को साझा कर छिड़को प्रीत की रोली!¡ त्रेता सियाराम खेलेंगे द्वापर राधाकृष्ण संग होली ! आस आज हुई पूर्ण वैैभब पूर्ण होगई अयोध्या नगरी! थिरके केवट हनुमान विभीषण,कोयल बागों में चहकी! करने को अभिनंदन रघुुवर का…
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“नियती ने युग पलटा”/”अदभुत अलौकिक अनुपम “
यह कैसी मधुर घड़ी है आई!चहुं ओर कौतुहलता है छाई!यह शहनाई पवन ने है गुंजाई!सवारी राम लला की पधराई! कभी संसार ने,सोचा ना था !भक्त का भगवा लहरायेगा!अटल धैर्यअकेला,टक्कर लेगा!राम का मंदिर भव्य बन जायेगा! जिसका शिल्पकार हो महर्षि!जिसके धन हों विश्व सत्यार्थी!लग्न लगाए है गतिरत भागीरथी!सेवक हैं जिनके पवनपुत्र रथी! सम्भव सबकुछ मनोबल से…
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“रघुवर को सिया पत्र!
मेरे रघुवर,आपको निवेदन है,सिया का प्रणाम !“सिया-राम” की इस जोड़ी का बनाये रखना आयाम! मात पिता के वचनों का पालन हमने साथ निभाया!सभी आदर्शो को प्रजा-राज्य सुख-आधार बनाया! संकट में सत्य-समर्पित व्यवहार हमने निभाया!भ्रात-सहिष्णुता ,सेवक के प्रति प्रेमधर्म अपनाया! बना रहे मधु-रस रजिंत यूंही समाज का हर नाता!ज्योति अखंड कर्तव्यनिष्ठा की,भारत रहे करता! यूंही बनी…