-
अमर शहीद
नमन मंच मानसरोवर काव्य मंचविषय-अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेवविधा-कवितातिथि -२३-३-२५शीर्षक -अमर शहीद “अमर शहीद ” लिख कर लाल लकीरों से कहानी,कर दिया वतन के नाम ज़िन्दगी अनगिनत ने जिया ऐसी जवानी ।धैर्य को बनाकर अपनी रवानी! सुनकर हिंद के वीरपथिको की कथा,बह पड़ा काजल बन, मां की व्यथा । गिन नहीं पाएंगे कितने…
-
My mind
My mind is continuously busy Percolating, churning fussy. Little it truly understands Shower reason through wand . Events come asper Your preplan its understanding to me is ban. My Present knocks too hard From attachment can’t part. moment open new puzzles Quizzing emotion drizzles. I always want to talk it over Expected ears seem tightly…
-
उन्हें क्या
समझदार है पर कुछ भी कह जाते हैं दर्द दिल का वो कभी ना समझ पाते हैं हैं वो बुजुर्ग लेकिन उनमें समझ नहीं उनके सुझाव मुझे कितना तड़पाते हैं। वो क्या जाने कैसे बनाया घरौंदा हमने उनको चांदी की चम्मच मिली खाने में मैंने कैसे ईंट जोड़ बनाया घोंसले को मिलाया कैसे सीमेंट बालू…
-
बस इतना बता दो
तुम आओ ना आओ, मुझे बस,इतना बता दो राज़ पुराना खोल कर कहो। बांधा क्यों इतना गहरा बंधन बन गये तुम श्वासो का स्पंदन! भारी बना है जीवन हर दिन, कांटे ना कटती, लम्बे पल-छिन! समय बना है,अनसुलझा रिण विचित्र विचारों से घिरा यह मन। ऐसा क्या कर्म किया मैंने गहन अंधेरा छाया घर में…
-
नमन मंच
मानसरोवर काव्य मंचदिनांक -१७-३-२५शीर्षक -“तुमको लगता है कि”विधा- गीत “तुम को लगता है….” तुम को लगता है कि तुम मुझसे जीत गये .फक्र हमें हैं,मुस्कान पर तेरे दिल हार गए ।तुमको लगता …. तुम इसे जीत समझकर गुमान करते हो.तेरी मुस्कान का सौदा हम इससे करते हैं ।तुमको लगता है … तेरा रुठना भी हमें…
-
तुम को लगता है…
मानसरोवर काव्य मंचदिनांक -१७-३-२५शीर्षक -“तुमको लगता है कि”विधा- गीत “तुम को लगता है….” तुम को लगता है कि तुम मुझसे जीत गये .और हम हैं कि तेरी मुस्कान पर दिल हार गए ।तुमको लगता …. तुम इसे जीत समझकर गुमान करते हो.तेरी मुस्कान से इसका सौदा हम करते हैं ।तुमको लगता है … तेरा…