• धरती की क्रांति

    धरती विशेषांकतारीख १०.४.२५शीर्षक -“धरती की स्थिति” कैसे गिनाऊं कितनी है हमपर, धरती की कृपा?लेकिन अपने तत्वों से रच हमको, ओड़ ली व्यथा! अनगिनत सपनों का हमारे लेलिया जो उसने जिम्मा।स्वार्थ परायण मनुष्य ने बनाया उसे कहने को ही मां! छीन लिए अधिकार सारे,बांधा इच्छा के बंधन में।काट रहे उसके फेफड़ों को, घोप रहे मशीन सीने…

  • मंच को नमन।

    तारीख 10.4.25विषय – महावीरविधि -कविताशीर्षक -“वर्धमान स महावीर” महावीर ने बनाया  कीर्तिमान बिहार को।आये पवित्र करने इस पवित्र भूमि को।। माता त्रीशला ने देखे अनेक शुभ स्वप्न।ऊची हुई भविष्य वाणी,होगा समाज सम्पन्न। बरसा  सौभाग्य  असीम पिता सिद्धार्थ के मन।अंक सजा जब”कैवल्य” ज्ञानी वर्द्धमान का तन।। चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को हुआ महावीर का जन्म।आये करने को…

  • हवा क्यों रही गुनगुना

    मानसरोवर काव्य मंचतारीख -९.४.२५शीर्षक -हवा क्यों गुनगुना रही हवा क्यों रही ऐसे गुनगुना?दे रहा पीड़ा यह पवन सूना।आये नहीं क्या बनाया बहाना?किससे बाटूं यह गीत,ओ सजना! मन में उमड़ रही आज अनेक बात ।कैसे पहुचाऊं उन्हें तुम्हारे पास।भेज रही लिखकर यह कोमल पात।चला रही लेखनी असुवन साथ। चाहती दिलाना याद वह चांदनी रात।अमृत वर्षा बटोरते…

  • “पत्र “

    मंच को नमन महिला काव्य- मंचपश्चिम रांची जिला इकाईतारीख -९.४.२५विषय -खत/संदेशा मन में उमड़ रही आज अनेक बात ।कैसे पहुचाऊं उन्हें तुम्हारे पास।भेज रही लिखकर यह कोमल पात।चला रही लेखनी असुवन साथ। चाहती दिलाना याद वह चांदनी रात।अमृत वर्षा बटोरते रहे अंजलि हाथ।बिना बोले हम सुना रहे थे बातें सात।कोयल की गूंज सहसा दे गई…

  • “लगन तुमसे लगा बैठे “

    मानसरोवर साहित्य अकादमीभोर सुमिरनदिनांक ३.४.२५प्रदत्त विषय – लगन तुमसे लगा बैठे लगन तुमसे लगा बैठे बेखबर हम कृष्ण।चले ढूंढते तुम को कुंज की हर शाख तृण।। देख वृक्ष से लटका वह तुम्हारा पीताम्बर ।मस्ती में लगी डोलने, उसकी बन मै चंवर।। छेड़ दी मोहन तुमने यह कैसी चाहत की धुन।खोकर सुध मैं लगी थिरकने, तुम्हारी…

  • नव वर्ष बधाई

    नमन मंच को भोजपुरी मानसरोवरतारीख: 29-3-25 “नव वर्ष बधाई” नव वर्ष मंगलमय हो सबका।आया शुभ महीना चैत्र का।प्रारंभ सप्तशती पाठ हुआ।जला,दीप मां अम्बिका का। बजने लगा घंटा मंदिर काआया जन्म दिन रघुवीर कादेवताओं ने किया पुष्प वर्षानवमी तिथी चैत्र मास का। मंगलमयी हो गयी अयोध्या।घर घर बजें पुनीत बधावा ।सजा महल दशरथनन्दन का।सजा सौभाग्य मां…