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Daughter ‘s day
Happy Daughter ‘s Day अपनी सब बेटी को हम सबका प्रेम भेंट , “सहचरी अभिन्न बन गई, आज वह हमारी है,ममता की छाँव पसारे,वह विशाल घनेरी है ,जन्मा हमने, पर सहसा बन गई माता हमारी है ,कहूँ किन शब्दों में,मन उसका कितना आभारी है।बहुतेरे आकांक्षाओं की वह बनती सदा सहभागी है।ईश का असीम स्नेह बन,…
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बादल का आना
रंग छाया नभ पर श्यामल। जैसे उड़ा अंगवस्त्रं मलमल।। काला हुआ सावन का अचकन । आंखों से उसके रंगा पसरा अंजन।। पंख फैलाकर आए उडते बादल । बिजली ने कौंधाया चांदनी चपल।। परिंदे,खोज रहे घोंसले की दिशा। जाग रही चहुंओर जीवन जिजीविषा।। स्वरचित एवं मौलिक शमा सिन्हा रांची।
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गांधी
हिला दिया उसने,प्रवासीय प्रशासन विधी! लूट लिया तर्कों से अपने ब्रिटिश सरकार की गद्दी! वह क्रमचंद-पुतली बाई का था अनोखा सपूत! दो अक्टूबर 1869का दैवीय आनंदकोष अटूट! वह विलक्षण बालक बना हमारा महात्मा गांधी! अहिंसा के साथ चलाई जिस ने हिन्द राष्ट्रवाद की आंधी! पाकर संदेश मांगा जगत ने अपना नागरिक अधिकार ! नेतृत्व में,…
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कहूं किससे?
इस हाल को करूं बयां किससे ? इस उम्र में सुकून मिले जिससे।। जोड़ कर तिनका बनता घोंसला। बारिश में रखने को हौसला ।। अगर परिंदा सदा उड़ता ही रहे। भींगीं पलकें कभी खुल ना पायें ।। लोगों कहते,”रात बितालो मेरे यहां!” पर रात भर में कटेंगी न सारी सांसें वहां? और ग़र पंख उसके…
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मंच को नमन
“अटूट सम्बन्ध “ जाने कैसे जुड़ जाते हैं दो मीत।बनते सहगामी,लेकरअक्षय रीत।। इस जीवन के भी वो पार निभाते। रंजिशों को अपनी छोड़ हंसते गाते।। कसमों के बंधन में दोनो बंध कर। लोकलाज में रहते साथी बन कर।। गृहस्थी की गाड़ी चलाते मिल कर। रक्षित होता धर्म मर्यादा में रहकर।। कई बार ऐसा भी…
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“याद तुम्हारी “
“याद तुम्हारी ” आयेगी जब याद तुम्हारी पुनः इस बार ।दोहराने फिर साथ बिताए पलों का सार।। मनाही है मेरी उनको ,रुलायें ना जार जार।करने दें चैन से मुझे इस जीवन नैया को पार ।। है ग़र पास कोई याद मीठी, होने दो स्वर गुंजार।वर्ना रहे दूर मुझसे,बार बार करें ना कांटों का वार।।…