• लेखनी को  पत्र

    नमन मंचमहिला काव्य मंच पर.रांचीतारीख -१५.५.२५विषय- लेखनी/मेरी कलम “लेखनी के नाम पत्र” प्रिय लेखनी,कैसे पूंछू आज मैं तुम्हारा कैसा है हाल ?कट रहे हैं कैसे, मेरे संग दिन महीने साल ?मुझे पता है , तुम दे दोगी बस एक मीठी मुस्कान,बिखेर कर हो‌ंठ पर लाली, जैसे खाया हो पान!सहसा कहा लेखनी ने “तुमने बचा लिया…

  • मौसम

    हवा ने कहा मैं चलूं जिधर से सहसा बदलूं मौसम मैं उधर के! ठहर जाऊं मैं जहां थोड़ी भी देर, मौसम विभाग के  लगते फेर! गर्मी से सब व्याकुल हो उठते पीकर जल तब ठंडक पहुंचाते। तपती गर्मी की धूप जब खाते । पहाड़ों की ओर दौड़ लगाते! भर कर पेड़ों को रसीले फलों से…

  • नव वर्ष बधाई

    भोजपुरी मानसरोवरतारीख: 29-3-25 “नव वर्ष बधाई” नव वर्ष मंगलमय हो सबका।आया शुभ महीना चैत्र का।प्रारंभ सप्तशती पाठ हुआ।जला,दीप मां अम्बिका का। बजने लगा घंटा मंदिर काआया जन्म दिन रघुवीर कादेवताओं ने किया पुष्प वर्षानवमी तिथी चैत्र मास का। मंगलमयी हो गयी अयोध्या।घर घर बजें पुनीत बधावा ।सजा महल दशरथनन्दन का।सजा सौभाग्य मां कौशल्या का। देखो…

  • धरती की क्रांति

    धरती विशेषांकतारीख १०.४.२५शीर्षक -“धरती की स्थिति” कैसे गिनाऊं कितनी है हमपर, धरती की कृपा?लेकिन अपने तत्वों से रच हमको, ओड़ ली व्यथा! अनगिनत सपनों का हमारे लेलिया जो उसने जिम्मा।स्वार्थ परायण मनुष्य ने बनाया उसे कहने को ही मां! छीन लिए अधिकार सारे,बांधा इच्छा के बंधन में।काट रहे उसके फेफड़ों को, घोप रहे मशीन सीने…

  • मंच को नमन।

    तारीख 10.4.25विषय – महावीरविधि -कविताशीर्षक -“वर्धमान स महावीर” महावीर ने बनाया  कीर्तिमान बिहार को।आये पवित्र करने इस पवित्र भूमि को।। माता त्रीशला ने देखे अनेक शुभ स्वप्न।ऊची हुई भविष्य वाणी,होगा समाज सम्पन्न। बरसा  सौभाग्य  असीम पिता सिद्धार्थ के मन।अंक सजा जब”कैवल्य” ज्ञानी वर्द्धमान का तन।। चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को हुआ महावीर का जन्म।आये करने को…

  • हवा क्यों रही गुनगुना

    मानसरोवर काव्य मंचतारीख -९.४.२५शीर्षक -हवा क्यों गुनगुना रही हवा क्यों रही ऐसे गुनगुना?दे रहा पीड़ा यह पवन सूना।आये नहीं क्या बनाया बहाना?किससे बाटूं यह गीत,ओ सजना! मन में उमड़ रही आज अनेक बात ।कैसे पहुचाऊं उन्हें तुम्हारे पास।भेज रही लिखकर यह कोमल पात।चला रही लेखनी असुवन साथ। चाहती दिलाना याद वह चांदनी रात।अमृत वर्षा बटोरते…