• नृत्य

    नभ पर बैठे गुरु, दे रहे संकल्प की थाप , भूल तत्व चेतना सत्य,नांच रहे हम-आप! समझे इस शरीर, इसके रिश्तों को अपना, मस्त किया माया ने,भूल गए क्या था करना! हारमोनियम स्वरों सी,जगी असंख्य इच्छायें, तबले की थाप सी, इंगित हुईं प्रबल इच्छायें! फिर कैसा नृत्य किया मानव ने कैसे मैं बताऊं ? भूला वह…

  • जीने लगे हैं अब

    कहना है उनका एक बहुत ही पुराना लेकर आता है समय नित नूतन बहाना कभी टूट गया था जो मेरा सपना पुराना आज फिर जिंदा हो गया है वो याराना! हाथ थामने की करने लगा है जिद अब झटक कर दामन मेरा,चला गया था तब रख कर उंगली चुप कर रहा मेरे लब, जीने को…

  • चुनाव

                          “चुनाव “ मौसम पूर्वानुमान भी छूट रहा है  बहुत पीछे, नेता के भाषण प्रतिस्पर्धी फरीश्त बिछा रहे । रिझाने को वादा,आसमान ज़मीं पर लाने का करते, असम्भव को बातों ही बातों में पूरा कर जाते ! क्यों भूलते हैं षडयंत्रकारी!आया है अब युग राम का! असत्य हटा कर अब सर्वत्र “आयुध “हीआसीन होगा! आत्म-जागरण…

  • चुनाव

    मौसम पूर्वानुमान भी छूटता है पीछे, नेता के भाषण जब फरीश्त बिछाते। रिझाने को,आसमान ज़मीं पर लाते, असम्भव को बातों में पूरा कर जाते ! भूल जाते हैं, आया है अब युग राम का! असत्य हटा कर अब सत्य हीआसीन होगा! आत्म-जागरण करेगी सरयू मंदाकिनी गंगा योगी-सुमति सिद्ध करेंगे महत्व चित्रकूट का! चंचल आज विशाल…

  • शादी की रस्में(हास्य)

    द्वार लगी बारात,गले पड़ी जयमाला जाने किसकी खोज में, आंख घुमाये लला! मनानुकूल पत्नि पाकर गठबंधन किया दूल्हा! कमरे में आना था दोनों को करना था पूजन । रोक रास्ता , सब सरहज ने घेर लिया आंगन, उधर खड़ी सालियां करने को द्वार छेकन! इतनी आवभगत में नौशा लगा दुलार लोटन! तंदरुस्त नौशा टिक ना…

  • हनुमान जन्मोत्सव

    “जय श्री हनुमान!” जय जय जय श्री राम के प्यारे! रूप निरख रहे पवनदेव,तुम्हारे सबके रक्षक जनमानस दुलारे! नज़र उतार रही, मां अंजनि तुम्हारे! मची जन्मदिवस की धूम, द्वारे द्वारे , भक्ति कर तुम्हारी कोई कभी ना हारे! भागें भूत,कभी पिशाच ना डेरा डाले सबके संकट महावीर हनुमान टारे! अखंड- अजित -अंजनि कुमार हमारे,गूंज रहा…