• पाई को सबसे हैपी वाला बर्थ डे!

    OumA very happy birthday to you, Pai! जीवन में जन्मदिन का वजूद विशाल होता है एक दिन ही सही, सागर -सौभाग्य बरसाता है। ज़रूरी नही ,मजलिस लगे,दावतों का हो सिलसिला! पता नही फिर भीक्यों इस दिन बढ़ जाती है उमंगे-हौसला? यह कोई नई बात नही, बचपन से रहा इसका दबदबा ! स्वास्थ्य-सन्तुष्टी-आशीर्वाद का हो साकार…

  • All ‘s gone!

    Nothing changes, wishes no more are born, The Sun sets in eve that which brightened dawn; I wonder wherefore life’s emptiness is born ! A meteor pierced,all was smashed and torn! I knew not of its value,I cared not of his presence , Today when he is gone,all has changed to pence! That was abuzz…

  • “क्यो कहूं?”

    क्यों कहूं मै थक गई गति ही जब प्रकृति है। ठहरता नही कहीं रास्ता, चलना ही उसकी रूचि है। क्यों कहू अब मै हार गई श्रम ही श्रृष्टी की है प्रकृति। चलती रहती निरत हवा है, बाधा छोड बस दिशा बदलती! क्यो कहूं,मेरी आस छूट रही, जब श्वास डोर से है बंधी वहीं। पुनः पूर्व…

  • कभी रुक जाओ!

    कभी सब छोड़कर, बिना वजह आराम करना अच्छा लगता है छोड़ ढीला हाथ पैर बिना कारण छत ताकना अच्छा लगता है होते ऐसे पल,देखने को घड़ी, एक बार भी मन नही करता है। गूंज रहा होता घर,होते बच्चे पास या कोई होती व्यस्तता बस एक ही बात चित में अक्सर भर देती है अथक तत्परता…

  • Help me walk

    It is dark,Road not visible Tired is soul, tredding not possible! Wherever you direct, in humility Make it a lovable fond activity ; Sink me deep into your thoughts Fill in my breathing as you instruct! Let prospects be filling in accordance will and service to humans with patience

  • ठण्डी हवायें

    सजल सरल चंचल ये हवायें इस बैशाख मे ठण्डी बनायें रोक उन्हे लूंगी अपने बगीचे में, कहूंगी आज इन पौधे को भरमायें । गर्मी ने ली मदमस्त अंगड़ाई बांह पसार अपनी शक्ति दिखलाई तपिश खींच,सविता के किरणो की अनमना ढीठ हो गयाआकाश भी! छोड दिया परिन्दों ने ऊंची सैर रहते पत्तो बीच जमा डाली पर…