• आज की मीरा

                      “आज की मीरा” नहीं कहने को बचा था,उसके पास एक तारे की बात।ना वह नाच सकती थी, लेकर भजन भक्तिको साथ । प्रयत्न कर वह सुर योग की, कुछ बुन लेती आज।प्रशिक्षण लिया ध्यान लगाना, मध्यम धुन साज। गोद बिठाया बाल कृष्ण को निर्मलताके साथ।मन ही मन करती उनसे अपनी कई सारी बात। तोड़…

  • सद्कर्म ही मेरे जीवन की पूंजी है।

    हिन्दी सृजन सागरदैनिक प्रतियोगिताविषय:सत्कर्म ही मेरे जीवन की पूंजी हैतिथि २५.३.२५ सत्कर्म ही ही मेरे जीवन की पूंजी है। लेकर जिस को उड़ता प्रारब्ध पंछी है। देन लेन का काम सब इसके जिम्मे है। अपने बस में बस यही एक कृत कर्म है। समर्थ मनुष्य भी, कुछ और ढोल पाता है। अन्त समय दोनों हाथ…

  • गुनगुना रही है ज़िन्दगी

    गीत नया गुनगुना रही है ज़िन्दगी । खुल रही बात बहुत जिसमें अनसुनी । पुरानी वो उलझनें सारी सुलझ रही। सनातन तत्व की तस्वीर नई बन रही। खेल पर किस्मत के पहले रोती थी। नसीहतों से बहुत दूर मैं भागती थी। क्यों होता है ऐसा, मैं उलझ जाती थी। कैसे बदलू सबको,समझ ना पाती थी।…

  • अमर शहीद

    नमन मंच मानसरोवर काव्य मंचविषय-अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेवविधा-कवितातिथि -२३-३-२५शीर्षक -अमर शहीद                  “अमर शहीद ” लिख कर लाल लकीरों से कहानी,कर दिया वतन के नाम ज़िन्दगी अनगिनत ने जिया ऐसी जवानी ।धैर्य को बनाकर अपनी रवानी! सुनकर हिंद के वीरपथिको की कथा,बह पड़ा काजल बन, मां की व्यथा । गिन नहीं पाएंगे कितने…

  • My mind

    My mind is continuously busy Percolating, churning fussy. Little it truly understands Shower reason through wand . Events come asper Your preplan its understanding to me is ban. My Present knocks too hard From attachment can’t part. moment  open new puzzles Quizzing emotion drizzles. I always want to talk it over Expected ears seem tightly…

  • उन्हें क्या

    समझदार है पर कुछ भी कह जाते हैं दर्द  दिल का वो कभी ना समझ पाते हैं हैं वो बुजुर्ग लेकिन उनमें समझ नहीं उनके सुझाव मुझे कितना तड़पाते हैं। वो क्या जाने कैसे बनाया घरौंदा हमने उनको चांदी की चम्मच मिली खाने में मैंने कैसे ईंट  जोड़ बनाया घोंसले को मिलाया कैसे सीमेंट बालू…