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“सीता का प्रश्न “
“दीपक की प्रज्वलित शिखा संग सगुण मुखरित यौवन ,मधुर कर रहा था दीपावली काअयोध्या में पुनरागमनलव -कुश को समर्पित प्रजा-पोषण राज सुरक्षा पालन।पूर्ण धरा धर्म स्थापन कर,शेष शैया विराजे थे नारायण । अनुकूल न थी श्वास, सिसक रहा जैसे नेपथ्य आवरणक्षुब्ध, बना था शेष शैया क्षीरसागर का शान्त वातावरणअप्रसन्न,अश्रुरंजित क्षीण ,मुदित न था अष्टलक्ष्मी मन।गम्भीर…
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सीता का प्रश्न
दीपक की प्रज्वलित शिखा का सगुण मुखरित यौवन , मधुर कर रहा था दीपावली काअयोध्या में पुनरागमन लव -कुश को समर्पित प्रजा-पोषण राज सुरक्षा पालन। पूर्ण धरा धर्म स्थापन कर,शेष शैया विराजे थे नारायण । अनुकूल न थी श्वास, सिसक रहा जैसे नेपथ्य आवरण क्षुब्ध, बना था शेष शैया क्षीरसागर का शान्त वातावरण अप्रसन्न,अश्रुरंजित क्षीण…
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Mind speaks out
Many a time, a restlessness commands A wish to speak out truthful feel wants, Without hesitation, uncontrolled tones ! Pour honestly, unscared, as sparkle rays of Sun Alike soldier fearlessly faces,shots of an aiming gun. That thinks not later nor remorses ever enclosed in freedom,regrets it never ! A bird with wings ,it flies higher…
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ARNAV’S BIRTHDAY
OumA very happy birthday to you Arnav, my gem,my Captain my most loved one! हमारे दुलारे अर्णव को जन्मदिन की अनेकानेक बधाई!💐🥮🥰🥰🥰🥰🥰 हमारे अर्णव, ” मांगी हुई दुआ, हुई पवित्र तुमसे साकार सजा आंचल-अंक हमारा, लेकर ईश्वरीय आकार, उदित हुआ सूर्य जैसे,चीर विशाल नभ बादल पार, प्रेम-प्रदीप्त करने को आये तुम हमारा यह संसार, निर्मल-कर्मठ…
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और आंसू लुढ़क गये
दो बूंद लुढ़क गए।