• ठण्डी हवायें

    सजल सरल चंचल ये हवायें इस बैशाख मे ठण्डी बनायें रोक उन्हे लूंगी अपने बगीचे में, कहूंगी आज इन पौधे को भरमायें । गर्मी ने ली मदमस्त अंगड़ाई बांह पसार अपनी शक्ति दिखलाई तपिश खींच,सविता के किरणो की अनमना ढीठ हो गयाआकाश भी! छोड दिया परिन्दों ने ऊंची सैर रहते पत्तो बीच जमा डाली पर…

  • आयुष्मान भव

    Oumहमारे अर्णव को जन्मदिन की ढेरों बधाई!🥰💐🥮🌻🍡 “आनंदित रहो तुम, सर्वदा होवे वर्षा स्वास्थ्य और संतुष्टी की, उपलब्धियां तुम्हारी बने विस्तृत, आकाश के परिमाण सी! चिरंजीवी भवः!आयुष्मान भवः पुरुषार्थी भवः!यशस्वी जैसे पाट- पयोधी ! स्वमान बने सम्मान तुम्हारा,रहे अटल रघुवर कमान सी! कुल-कुलीन के तुम भविष्य रचयिता ,पाओ अनंत कृपा ईश-आशीष की, प्रेम-शान्ति-सत् ऐश्वर्य जीवन,…

  • लौट रही जिन्दगी

    मौन को कुछ दो साल से मिल गई थी छूट चिडियों की चहचहाहट उसे बस प्रातःलेती लूट खाली रहने लगी थी सड़के,सारे शब्द गये थे टूट, अपनो से बिदाई,तन्हाई ,उदासी हो गये थे एकजुट! घर की चार दिवारी ,नाप गई थी कदमों का विस्तार, असीमित भय इतना,भूले से भी कभी ध्यान ना जाता उसपार

  • सजा ली है मौत ने अपनी बारात

    सजा ली है,मौत ने निडरता से अपनी बारात बना लिया सबके श्वास को,उसने है सौगात। दे दी है मोहलत ,कुछ सबको खुशहाल जीने की, गीत गाकर रही,जीलो कुछ पल बिन्दास जिन्दगी। लेकर हाथ में श्वेत शाल,साथ वह चल रही संग हर घड़ी , तोड बंधन सारा,काटकर रख जाएगी माया की कडी। लेकर नाम राम का,बिछा…

  • मेरी कश्ती

    दीखती नही है कश्ती,नजर आता नही किनारा, बदल गया सब कुछ, जाने कहा गया वो नजारा! नये उत्साह से शुरू होने को था नये सिरे से सफर सहसा दर्द ने बिंधे तन से,कदम रुके लडखढाकर। रह न सकी मै खड़ी, टूटे मनसूबे सारे बिखरकर फरिश्त पूरा न हुआ, कागज पर लकीर बस रह गई जुडकर।

  • Confusion

    Education makes no difference Mind is though in surveillance pot is minutely holed of its sense It can’t hold long with patience ; A wonder decends leaving emptiness Courage drains smearing easiness, it is futility,surrounded strangeness Expect not, for death has no softness ! There’re minutes,hours, days of longing Working on puzzles time prolonging ….