• चुनाव

    मौसम पूर्वानुमान भी छूटता है पीछे, नेता के भाषण जब फरीश्त बिछाते। रिझाने को,आसमान ज़मीं पर लाते, असम्भव को बातों में पूरा कर जाते ! भूल जाते हैं, आया है अब युग राम का! असत्य हटा कर अब सत्य हीआसीन होगा! आत्म-जागरण करेगी सरयू मंदाकिनी गंगा योगी-सुमति सिद्ध करेंगे महत्व चित्रकूट का! चंचल आज विशाल…

  • शादी की रस्में(हास्य)

    द्वार लगी बारात,गले पड़ी जयमाला जाने किसकी खोज में, आंख घुमाये लला! मनानुकूल पत्नि पाकर गठबंधन किया दूल्हा! कमरे में आना था दोनों को करना था पूजन । रोक रास्ता , सब सरहज ने घेर लिया आंगन, उधर खड़ी सालियां करने को द्वार छेकन! इतनी आवभगत में नौशा लगा दुलार लोटन! तंदरुस्त नौशा टिक ना…

  • हनुमान जन्मोत्सव

    “जय श्री हनुमान!” जय जय जय श्री राम के प्यारे! रूप निरख रहे पवनदेव,तुम्हारे सबके रक्षक जनमानस दुलारे! नज़र उतार रही, मां अंजनि तुम्हारे! मची जन्मदिवस की धूम, द्वारे द्वारे , भक्ति कर तुम्हारी कोई कभी ना हारे! भागें भूत,कभी पिशाच ना डेरा डाले सबके संकट महावीर हनुमान टारे! अखंड- अजित -अंजनि कुमार हमारे,गूंज रहा…

  • धरा

    यह धरा नहीं ब्रम्ह तेजस्विता है अलौकिक इस की सहनशीलता है उपजती इसमें  बस एक ममता है धर्म इसका बस देते जाना है ! आकाश इसका है एक प्रिय  सखा सागर से लेकर है नीर-श्रृंगार आता तन मन पर इसके है बिखराता रंग बिरंगी चुनरी है पहनाता ! कली फूल और फल जब आते, खुशी…

  • किताबें करती हैं बातें

    “ज्ञान का हूं मैं ऐसाभंडार, देने को आई ज्ञान अपार! पास हमारे है ऐसा भंडार , पाता नहीं कोई मेरा सार! चार वेद औरअठारह पुराण , अठारह स्मृतियां और रामायण ! आरण्यक और उपनिषद ब्राह्मण, अनंत है इनके सूत्र परिमाण ! रूची जग गई मुझमें जिनकी, मिल गईं अक्षय  उसको निधी! नाप सकता ना कोई…

  • वसुंधरा