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“तुम बिन “
पंछी बन अकली,आसमान छानती हूं तुम्हे छोड़ कोई और नही चाहती जिसे हूं। दुनिया के मेले में,बस तुम्हें ही ढूँढ़ती हूं तुम्हे ना पाकर निर्रथक हो जाती हूं। जाने कैसा है यह विश्वास मोहन हर वक्त बैचैनी छाई हुई है आंगन,! जानती तुम्हे हूं बसे तुम हो कण कण ! इसी विश्वास से घिरी मैं…
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नन्ही कलियों से प्रश्न
सब्ज बाग की खिलती कलियों से मैनें पूछा यूं अचानक तुम सब अकेले आई कैसे आई? कल तक हर डाली थी विरान और खाली , अकस्मात कैसे मुस्काई तुम्हारी सब सहेली! सूना था बागीचा,टूटी थी किसलय की आशा जाने कैसे सुन ली तुमने मेरे मन की आकांक्षा! हर डाली पर गुलदस्ता बन छाई पल भर…
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तुम क्यों आते हो?
ऐ बादल तुम क्यों आते हो? नही बरसना तो क्यों छाते हो? ताकतवर इतने भी नही हो तुम! सूर्य अवहेलना नही कर सकते तुम ! चढ गये ऊंचाई आकाश की तो क्या! रवि किरणों का आक्रोश भूल गये क्या? तुम पले समुद्र की बांह-विशाल में थे कर आये,क्षीर- पान उसकी छाती से , फिर उड़े…
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रातें हैं भाती
अब दिन से ज्यादा रातें हैं भाती आवाज को ई अब नही पुकारती रातें काली , चैन अथाह लगता है तन निढाल बिस्तर पर आ गिरता है जीवन की लड़ाई खत्म हो जाती है पिघलने सूर्य को शान्ति आ घेरती है दिनचर्या के बीच मैत्रीपूर्ण नही होती अक्षरों को लेकर मैं लेखनी से हू मिलती…
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Cloudy sky
Drums rolled loud in sky Drops on Earth did fast ply Patchy troupe, few had only fallen Moving forward their steps harden Loud was their shout fast was theie roll Lightening reprimanded as drops poured “Why Sir!why do you not let us go George in field awaits for seeds to sow! They hark friends to…
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WORRIES AND WORK
Worries let not work proceed They obstruct actions alike weed mind aims planning numerous deed Intervening Props don’t let it succeed Giving up is not easy however you plead One leaves while the other comes to depleat Processing energy from those that lead Blossoms ,fruits new shoots arise from seed Roots are generation deep, none…