अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर में शमा सिंह मानसरोवर साहित्य अकादमी के मंच पर यह प्रण करती हूं कि मैं अपनी धारा और पर्यावरण के आरक्षण के लिए सभी संभावित प्रयास करूंगी प्राकृतिक रूप से उगने वाले सभी प्रकार के पेड़ पौधे फूल वनस्पति जो उसे विशेष क्षेत्र में पाए जाते हैं सभी पशु पक्षी कीड़े मकोड़े और जीव जंतु को सुरक्षित रखने की दिशा में कार्य करूंगी यह दोनों ही पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बनाए रखते हैं जो हमें शुद्ध हवा पानी भोजन औषधीय देती है उनकी अनुपस्थिति में पृथ्वी पर मानव जीवन संभव है पेड़ पौधे और जीव जंतु आवश्यक खाद्य श्रृंखला से जुड़े हैं जिसमें एक भी प्रजाति का लुप्त होना पूरी श्रृंखला को विलुप्त कर सकता है और मानव जीवन के लिए खतरा बन सकता है पेड़ पौधे ऑक्सीजन देते हैं कार्बन डाइऑक्साइड सोचते हैं शाकाहारी जीव पौधों की संख्या और मांसाहारी जीव शाकाहारी जीवन की संख्या नियंत्रित करते हैं अतः मैं जहां भी रहूंगी अपने घर के चारों एवं सार्वजनिक जगह पर लगे पेड़ पौधों को सुरक्षित रखना, बिजली बचाना ,कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक का उपयोग न कर, 3r नियम( Reduce ,Reuse ,Recycle)अपनाना, वाटर हार्वेस्टिंग द्वारा पानी की कम खपत,कचरा- खाद बनाना ,सार्वजनिक वाहनों का कम उपयोग कर कार पूलिंग एवं पैदल चलने की आदत रखना, स्थानीय सब्जियां फल उपयोग ,जैसी नियमित आदत को बढ़ावा देने के लिए, स्वयं एवं अपने मित्र गणों को भी प्रोत्साहित करूंगी।