जगती है नूतन आशा,
सुन संदेशा मां का।
पूर्ण होती है मंशा जैसे,
बंद हृदय कमल का।
शांति संचार कर मन में , उर्जा देती शैलपुत्री।
वृत्तियों को संयमित कर, प्रेरित करती ब्रह्मचारिणी।
चंद्रघंटा स्वरूप देता ,रोग शोक भय से मुक्ति।
कर व्याधि नाश , देती कुशमांडा,यश बल आयु शक्ति।
ज्ञान और करूणा से, स्कंदमाता तन मन भर देती।
साहस- सौहार्द- सौभाग्य दायिनी हैं मां कात्यायनी ।
हटा नकारात्मकता ,निडर विजयी बनाती मां कालरात्रि।
पवित्र पुंज से पाप रहित कर, आह्लादित करती मां गौरी।
पूर्ण करती मनोकामना,देकर आशीष मां सिद्धिदात्री ।
पाकर मां का आशीष, जीवन बनता, संतुष्ट सौभाग्यशाली ।
स्वरचित और मौलिक।
शमा सिन्हा
रांची, झारखण्ड।