नमन मंच
महिला काव्य मंच पर.रांची
तारीख -१५.५.२५
विषय- लेखनी/मेरी कलम
“लेखनी के नाम पत्र”
प्रिय लेखनी,
कैसे पूंछू आज मैं तुम्हारा कैसा है हाल ?
कट रहे हैं कैसे, मेरे संग दिन महीने साल ?
मुझे पता है , तुम दे दोगी बस एक मीठी मुस्कान,
बिखेर कर होंठ पर लाली, जैसे खाया हो पान!
सहसा कहा लेखनी ने “तुमने बचा लिया देखो अपने सारे बाल,
पर अपने मन की सुना किया है तुमने मेरा बुरा हाल !
मुझे दौड़ा कर मिलती विचारों को तुम्हारे राहत।
सहज उकेर कर कागज पर देती उनको ताकत।
पर कभी क्या तुमने सोचा क्या बीतती है मुझपर ,
लगता कैसा है मुझे तेरे आंसू पोंछे कर?”
स्वरचित एवं मौलिक
शमा सिन्हा
रांची झारखंड।