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दर्द की दास्तान किसको सुनाऊं
मंच को नमन।मानसरोवर काव्य मंचदिनांक:१४.५.२६विषय:दर्द की दास्तान किसको सुनाऊं दर्द की दास्तान मै किसको सुनाऊं। है नहीं कोई साथी जो देगा अपना कंधा। सुनेगा मेरी दास्तान और पोछेगा आंसू । लेकिन आंसू हमें क्यों हैआते। जरूर ख्वाहिश हमारे भीतर तूफान मचाती हैं। ना हो ख्वाहिश है तो ना निकलेंगे आंसू । और ना मैं खोजूंगी…
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वह इश्क तो सच था
मंच को नमन मानसरोवर साहित्य अकादमी #तारीख: 12 मई 2026#दैनिक प्रतियोगिता मानसरोवर काव्य मंच विषय-पंक्ति# वह इश्क तो सच था #वह इश्क तो सच था# दोनों ने ही स्वीकारा वह इश्क तो सच था।सच था कि कभी अभिव्यक्त ना हुआ था।दो दिलों का एहसास, आंखों ने कहा था।स्नेह-अंक भरकर,मन को मन ने भेजा था। उनके…
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दिल में कई हसरतें बाकी हैं
मंच को नमन।मानसरोवर काव्य मंच।विषय :दिल में कई हसरतें बाकी हैं।तारीख :१२.५.२०२६ जीवन के बाजार में आदमी खड़ा है ।आवश्यकताओं की फेहरिस्त ने जकड़ा है।सपनों की गठरी लिए दौड़ रहा है।गिनता, दिल में कई हसरतें बाकी है। वह अकेला अर्जन करने वाला है।सीमित कमाई के स्रोत से परेशान है ।अपनों की ख्वाहिशों को ढोता हैरान…
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मा
मां मंच को नमन।महिला काव्य मंच पश्चिम रांची जिला इकाई।तारीख ११.५.२६विधा -कविताशीर्षक -“तुम्हारी यादें” मां,तुम सशरीर मेरे पास नहीं हो ।लेकिन जीवन के हर पहलू में रही हो।गूंजती बातों से याद दिलाती हो।मेरे हर काम में साथ रहती हो।लगता है जैसे तुम यहीं कहीं हो।मेरे रुंधे मन को स्पर्श -ढांढ़स देती हो।हाथों में लेकर मेरा…
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ऑपरेशन सिंदूर और आज
निभाती रही है नारी सदा, सिंदूर रक्षक का किरदार। किया उलट पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर वार । “व्योमिका -सोफिया”जोड़ी बनी लक्ष्मीबाई सरदार। मानना ही पड़ा पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को हार। पहलगाम आतंकी हमले का दिया ऐसा जवाब पूर्ण किया स्वावलंबी भारतीय नारी का ख्वाब सजग प्रहरी का रंग लगा बचाया वतन की आब । विश्व…
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सफलता
मंच को नमन।महिला काव्य मंच पश्चिम रांची जिला इकाई।तारीख :7 मई ,2026विषय: सफलताशीर्षक-” सफलता” कर्म का अंजाम जब देता है सुफल ।मिलती है सफलता बढ़ता है मनोबल ।उम्मीद की डोर में करती है सुरक्षित कल।कदम होता बलवान, प्रयास होता सफल। प्रगति लगती है द्रुतगामी बन दौड़ने।आनंद की धार पर नाविक लगता बहाने।अगर इस उमंग में…