• नहीं कोई मेरा अब सिवा तुम्हारे

    तुम ही मेरे मोहन तुम्हीं राधा हमारे , नहीं कोई मेरा अब सिवा तुम्हारे। गलतियां मुझसे हुई हैं बहुत सी, किया माफ सबको समझ नादानी। घबड़ाकर सदा, मैंने पकड़ा तुम्हें ही, दिया है सहारा तुम्ही ने सदा ही। घनघोर कितना भी छाया अंधेरा, दिया मेरी रात को है नया सवेरा। बढ़ाया है हाथ, को मैंने…

  • यादें

    मंच को नमनमहिला काव्य मंच पर.रांचीतारीख:२४.२.२६शीर्षक:”यादें” ठहर जाती है जिंदगी जबछाती में छुपा कुछ ऐसा तबछाती यूं बीती घटनायें सब,जैसे समय पुनः आया अब। पीछे का सारा यूं उभर आतासारी कथा फिर वह कहता।उम्र मेरी वह कम कर देतामन को मेरे, जैसे बहलाता। खोई गुड़िया याद दिलाता।भूली बातों को जागृत करता।मन पंछी बनकर उड़ जाता।गलियों…

  • “थोड़ा चिंतन करते हैं”

    Dt.24.2.26 भागते समय को रोक कर जरा।आज कुछ पल थोड़ा चिंतन करते हैं।सबने हमारे किए को बहुत है तोला।सच्चाई उनकी आज हम आंकते हैं। गलतियां ,जिन्हें हमने अनजाने में किया।आज उन पर कुछ पल थोड़ा चिंतन करते हैं।संतुलित कर बराबर उनको पलड़ों पर ।उनके लिए सहे दर्द को आज मापते हैं। मुमकिन नहीं,डूब जाना न्याय…

  • “युद्ध और शांति “

    नमन मंच को।हमारा मानसरोवर।फरवरी २०२६फरवरी माह की मासिक ई पत्रीका ।शीर्षक: “युद्ध और शांति।” बनाई हमारी सम्रृद्धशाली दुनिया को ऊपर बैठे ईश्वर ने। नरभक्षी बन दौड़ रहा मनुज एक दूजे को खाने को। नहीं किसी के पास जमीनी हक का दस्तावेज। चाहते लूटना , सब जान के दुश्मन बने । अनगिनत वतन अपनी सीमाओं पर…

  • गीत –  ” सावन के झूले “

    गीत – “सावन के झूले” देखो सखि, अमवा तले पड़े झूले …२चलो सखी,नभ को हम उड़ कर छूलें…२ अम्मा बाबा से आस जुड़ी है हमारी,प्यारी यादों से भरी यह सुंदर सवारी!देखो सखि….चलो सखी…. रेशम के धागे में अपने सपने पिरो करसजाऊंगी सारे, मैं भैया की कलाई पर।देखो सखि…चलो सखी… पहनाकर भाभी को, चुनरी हरी बांदीनी,बनाऊंगी…

  • The Marathon

    Life is a long run marathon From one pillar to another The post reminds of power Emmassing and Acquiring. A  runner I have been  ever with  Attainment of fervor! Never has there been an end Desires trekked, reason to fend. run I know now,I need to stop Tred on road of newer crop Mind has…