• The avalanche

    Late or soon life enriches everyone with similar experiences……nothing is permanent. …except deeds there’s no value. ….wealth and power betray man….we are souls……our duty is to travel from one life to another…our lives are based on our karma. …..souls meet and separate as per their debit and credit of karmic accounts…. Things that appeared myths…

  • यादो की ओस

    ओमनिशु-रत्ना को विवाह की वर्ष गांठ पर ढेरो आशीर्वाद और बधाई। 🍡🥰🍡🥰🍡🥰🍡🥰🍡🥰 “वो दिन, शुभ घडी,हर पल रहता है हम सबको याद , नौशा निशु लला के संग,हम गये थे लेने रत्ना का हाथ । हसी खुशी की झापी लेकर,कुलवधु बन घर वहअपनेआई, उसके स्वागत से सबने,अनंत इन्द्रधनुषी खुशिया पाई। सबका हृदयाशीष यही,तुम दोनो बने…

  • Happy Children’s Day

    HAPPY CHILDREN’S DAY!!! I and my children were awake till late hours,last evening preparing for the next day event. I was writing my compering dialogues while my children were carrying out my other requirements,as colored paper cutting for decorating the classroom boards,giving color to the black and white hand written message,on a chartpaper ,drying the…

  • सूर्य की यात्रा

    देखोअस्तांचल का अति सुर्ख हुआ ये सूरज ,रंग रक्त-जवा का नभ भर,करता है प्रेम अरज। विशाल-आकाश संध्या का , सिन्दूरी है रंग देता ,सनेह पत्र ,भर कोमल अनुमोदन,प्रीता को भेजता। ओढ सुहानी चांदनी, तारों भरी चान्दी की चूनरबजाती पायल, चल रही वह ठुमक-ठुमक कर। माँ की लोरी, ममता सिंचित,संजोय कोमल मीठा रस,सलोने की आखो में…

  • जय जय मधुरस संत्रीप्ति

    ”         जय जय मधुरस संतृप्ती “ रसीली मिठाई मुझे बहुत पसंद है। मीठे व्यंजन की चाहत सभी को होती है। किसी किसी को बहुत ज्यादा होती है। उन मीठे व्यंजनों को पसंद करने वालो में मै भी हूँ। शायद मेरे बत्तीसो दाँत और जिव्हा ,इनके अथक प्रेम अनुयायी हैं। खाने के पहले, खाने के बाद…

  • “हक नहीं पूछू”

    मुस्कुराते थे जब-तब बचपन में, बिना वजह हम, डांट खाकर भी न होती, वह हँसी जरा भी कम। पूछा नहीं तब, जिन्दगी से, क्या ये रहेगा यूहीं हरदम? लेकर तोहफा खुशी का, बड़े लापरवाह हो गये हम! बाकी अभी भी, ज़हन में है अनगिनत,कई एक भरम, अब जगह न रही कि सवाल करें उससे कोई…