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नारी तत्व
नमन मंच।लघुकथा प्रतियोगिता।मार्च,२०२६ “नारी-तत्व” अक्सर समाज में देखा जाता है कि जब किसी स्त्री से कोई गलती होती है या संयोग वश कुछ ढिठाई हो जाती है तो उसे पुरुष कभी माफ नहीं कर पाता ।यहां तक कि वह उस स्थिति में अपशब्द सुनाये बिना नहीं रहता।यही कारण है कि एक स्त्री अपने स्वाभिमान की…
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नारी तत्व
नमन मंच।लघुकथा प्रतियोगिता।मार्च,२०२६ “नारी-तत्व” अक्सर समाज में देखा जाता है कि जब किसी स्त्री से कोई गलती होती है या संयोग वश कुछ ढिठाई हो जाती है तो उसे पुरुष कभी माफ नहीं कर पाता ।यहां तक कि वह उस स्थिति में अपशब्द सुनाये बिना नहीं रहता।यही कारण है कि एक स्त्री अपने स्वाभिमान की…
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नारी तू नारायणी
[09/03, 09:31] +91 92188 87941: नमस्कार प्रिय रचनाकार साथियो 🙏 मानसरोवर काव्य मंच पर हम आपके लिए एक नई प्रतिस्पर्धा लाए हैं। दिनांक :- ०९ मार्च २०२६ शीर्षक :- 🇮🇳 ” विश्व विजेता भारत “ 🇮🇳 विधा :- कविता, छंद, दोहा, गीत, गज़ल, भजन पंक्ति सीमा :- १२-२० पंक्तियाँ समय सीमा :- १० मार्च २०२६रात…
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नहीं कोई मेरा अब सिवा तुम्हारे
तुम ही मेरे मोहन तुम्हीं राधा हमारे , नहीं कोई मेरा अब सिवा तुम्हारे। गलतियां मुझसे हुई हैं बहुत सी, किया माफ सबको समझ नादानी। घबड़ाकर सदा, मैंने पकड़ा तुम्हें ही, दिया है सहारा तुम्ही ने सदा ही। घनघोर कितना भी छाया अंधेरा, दिया मेरी रात को है नया सवेरा। बढ़ाया है हाथ, को मैंने…
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यादें
मंच को नमनमहिला काव्य मंच पर.रांचीतारीख:२४.२.२६शीर्षक:”यादें” ठहर जाती है जिंदगी जबछाती में छुपा कुछ ऐसा तबछाती यूं बीती घटनायें सब,जैसे समय पुनः आया अब। पीछे का सारा यूं उभर आतासारी कथा फिर वह कहता।उम्र मेरी वह कम कर देतामन को मेरे, जैसे बहलाता। खोई गुड़िया याद दिलाता।भूली बातों को जागृत करता।मन पंछी बनकर उड़ जाता।गलियों…
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“थोड़ा चिंतन करते हैं”
Dt.24.2.26 भागते समय को रोक कर जरा।आज कुछ पल थोड़ा चिंतन करते हैं।सबने हमारे किए को बहुत है तोला।सच्चाई उनकी आज हम आंकते हैं। गलतियां ,जिन्हें हमने अनजाने में किया।आज उन पर कुछ पल थोड़ा चिंतन करते हैं।संतुलित कर बराबर उनको पलड़ों पर ।उनके लिए सहे दर्द को आज मापते हैं। मुमकिन नहीं,डूब जाना न्याय…