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On Caravan
Traveling to places known and unknown Without wings of desire I have flown Time was difficult, the Almighty only support, In dreams too,I imagined never treading such road. Young I was, numerous duties on shoulder , Reasons escaped ,logic failed I hit a boulder. Weak were steps , will of wisdom did purport, Children’s Education…
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कैसे दूर करूं यह बेचैनी
रहते हो साथ सदा तुम मेरे मन भ्रमित रहता तेरे ही द्वारे। जानते मेरे भविष्य की होनी , फिर भी सताती मुझे बेचैनी । बता ना सकूंगी अपनी अनुभूति , संशय जो मन में संचित है करती। मेरी कोशिश अथक हो जाती बेकार कठिनाई का मिलता नहीं कोई सार। तुम्हीं एक मुझको लगा सकते पार…
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मेरा घर
घर की चाहत ने मुझे बहुत है रिझाया , दौड़ी कई शहर पर ठौर ना एक पाया। बुनती रही सपने दिन ऐसा तो आयेगा , अपनी भी छत पर, निरंतर सुकून बरसेगा। समझ ना पाई मैं,कब कहां कर गई गलती, कहूं कैसे दे गई दगा,मेरी ही ज़िन्दगी! निभाती रही साथ जिसका,उड़ गया वह पंछी, डूबा…
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लेखनी को पत्र
नमन मंचमहिला काव्य मंच पर.रांचीतारीख -१५.५.२५विषय- लेखनी/मेरी कलम “लेखनी के नाम पत्र” प्रिय लेखनी,कैसे पूंछू आज मैं तुम्हारा कैसा है हाल ?कट रहे हैं कैसे, मेरे संग दिन महीने साल ?मुझे पता है , तुम दे दोगी बस एक मीठी मुस्कान,बिखेर कर होंठ पर लाली, जैसे खाया हो पान!सहसा कहा लेखनी ने “तुमने बचा लिया…
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मौसम
हवा ने कहा मैं चलूं जिधर से सहसा बदलूं मौसम मैं उधर के! ठहर जाऊं मैं जहां थोड़ी भी देर, मौसम विभाग के लगते फेर! गर्मी से सब व्याकुल हो उठते पीकर जल तब ठंडक पहुंचाते। तपती गर्मी की धूप जब खाते । पहाड़ों की ओर दौड़ लगाते! भर कर पेड़ों को रसीले फलों से…
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नव वर्ष बधाई
भोजपुरी मानसरोवरतारीख: 29-3-25 “नव वर्ष बधाई” नव वर्ष मंगलमय हो सबका।आया शुभ महीना चैत्र का।प्रारंभ सप्तशती पाठ हुआ।जला,दीप मां अम्बिका का। बजने लगा घंटा मंदिर काआया जन्म दिन रघुवीर कादेवताओं ने किया पुष्प वर्षानवमी तिथी चैत्र मास का। मंगलमयी हो गयी अयोध्या।घर घर बजें पुनीत बधावा ।सजा महल दशरथनन्दन का।सजा सौभाग्य मां कौशल्या का। देखो…