• मेरी आंखों का तारा

    मंच को नमनमहिला काव्य मंच पश्चिमी रांची जिला इकाईतिथि: 2.6 2026दिन: मंगलवारविषय: मेरी आंखों का तारा मेरी आंखों का तारा देखा है मैंने भी एक सपना बहुत ही प्यारा।खेलेगा एक दिन मेरे गोद में मेरा दुलारा।बनेगा वह कान्हा जैसा सबका ही न्यारा ।गूंजेगी की किलकारी उसकी, आंगन और चौबारा।देख गुणों को पूछेंगे सब, किसने है…

  • छांव सुनती धूप की कहानी

    मंच को नमन मानसरोवर काव्य मंच मानसरोवर साहित्य अकादमी दिनांक २९.५ .२०२६ विषय -छांव सुनती धूप की कहानी “छांव सुनती धूप की कहानी” पथरीले र से जब गुजरती है जिंदगानी।देख छांव की परछाई आस जगती है सुहानी।रिचा कर उनके रूप से सूरज करता मनमानी।हिला डाली को दूर सेबुलाती कोपलें हैं सयानी। कभी भी में जब…

  • मंच को नमन

    मानसरोवर काव्य मंच मानसरोवर साहित्य अकादमी दिनांक २९.५ .२०२६ विषय -छांव सुनती धूप की कहानी “छांव सुनती धूप की कहानी” पथरीले र से जब गुजरती है जिंदगानी।देख छांव की परछाई आस जगती है सुहानी।रिचा कर उनके रूप से सूरज करता मनमानी।हिला डाली को दूर सेबुलाती कोपलें हैं सयानी। कभी भी में जब पड़ते हमारे कदमों…

  • “पहली बारिश”

    मंच को नमन।रांची जिला इकाई नवल मंच।त्रैमासिक ई पत्रिका।तीसरा अंकअंक- जुलाई महीना, 2026विषय- श्रावणशीर्षक- “पहली बारिश”विधा -कवितातारीख -२२-५-२६ ‌”पहली बारिश” देख रहे सब आस तेरा ओ बरखा रानी! प्यासी धरती कि तू ही तो है बेटी प्यारी सुहानी! मीठी सरस तेरे मुक्ता-बूंदन की, पायल सी है वाणी। बांह पसार,स्वागत है तेरा ओ! समृद्धि की वरदायनी।…

  • मातृत्व और ममता

    नमन मंच ।मानसरोवर साहित्य अकादमी नवाक्षर मासिक की पत्रिका 2026 हेतु।विषय-” मातृत्व और ममता”विधा: कविता। “मातृत्व और ममता “ समझ मातृत्व का लाता आचार शुभता की जागृति। ममता बनाती नारी को न्यायशील प्रेममयी कृति। बहती रहती अमृत धारा सतत उसमें । बनी वह सर्वश्रेष्ठ परमेश्वर की रचनाओं में। मगन चिंता से परेशान परब्रह्म, गुंजित एक…

  • बूंद की पुकार

    मंच को नमनमहिला काव्य मंच पश्चिम रांची जिला इकाई। विषय:”श्रवण”( ई पत्रिका के लिए, जुलाई 2026)तारीख:१७.५.२६शीर्षक-” बूंद की पुकार” “बूंद की पुकार” फागुन संग चैत ने प्रारंभ किया वर्ष नया आयामी।देख जेष्ट की छाया, वैशाख हुआ स्व-पतगामी।। छटपटाई धरती पाकर असह्य सूर्य की गर्मी।तब अचानक होने लगे जमा, सागर के सहकर्मी।। श्यामल हुआ नील नभ…